मिरा-भाईंदर RTO में फर्जी दस्तावेजों से परमिट घोटाला उजागर, 27 बैच धारकों पर FIR दर्ज
मिरा-भाईंदर उप प्रादेशिक परिवहन कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऑटो रिक्शा परमिट और बैच हासिल करने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है। इस मामले में 27 बैच धारकों समेत कई अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है। विधायक नरेंद्र मेहता ने परिवहन विभाग में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है।
मिरा-भाईंदर : मिरा-भाईंदर उप प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऑटो रिक्शा परमिट और बैच हासिल करने के मामले में आखिरकार काशिगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा लगाए गए आरोपों को बल मिला है। मेहता ने दावा किया है कि राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के विभाग में ही बड़ा घोटाला चल रहा था।
पुलिस द्वारा दर्ज FIR के अनुसार, 27 बैच धारकों सहित अन्य अज्ञात लोगों पर फर्जी दस्तावेज, सरकारी मुहर और सील तैयार कर ऑटो रिक्शा बैच प्राप्त करने का आरोप है। आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की जांच अपराध शाखा-1 को सौंपी गई है।
विधायक नरेंद्र मेहता ने अप्रैल महीने में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे घोटाले का खुलासा किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी शिकायत करने की बात कही थी। अब पुलिस जांच के बाद मामला दर्ज होने से उनके आरोप सही साबित होते दिखाई दे रहे हैं।
आरोप है कि कुछ लोगों ने फर्जी राशन कार्ड, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और बिजली बिल जैसे दस्तावेजों का इस्तेमाल कर परमिट और बैच हासिल किए। इतना ही नहीं, एक ही राशन कार्ड नंबर पर कई फर्जी राशन कार्ड बनाए जाने का भी खुलासा हुआ है।
मेहता ने कहा कि स्थानीय नागरिकों के दस्तावेजों की सख्ती से जांच की जाती है, जबकि फर्जी दस्तावेजों के जरिए परमिट बांटे जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मिरा-भाईंदर में RTO कार्यालय शुरू होने के बाद ऐसे मामलों में तेजी आई है।
विधायक नरेंद्र मेहता ने इस पूरे मामले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने राज्य के अन्य RTO कार्यालयों की भी जांच कराने की मांग उठाई है।
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