मीरा-भायंदर में राजनीतिक बदले का बुलडोजर भूमिपुत्रों पर कार्रवाई के खिलाफ राजू भोईर का CM-DCM को दो टूक अल्टीमेटम
मीरा-भायंदर में भूमिपुत्रों और शिवसैनिकों पर कथित राजनीतिक बदले की कार्रवाई के खिलाफ शिवसेना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। जिलाप्रमुख राजू भोईर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बुलडोजर कार्रवाई, पुलिस मामलों और कथित प्रशासनिक दबाव का मुद्दा उठाया
मीरा-भायंदर महानगरपालिका चुनाव के बाद स्थानीय भूमिपुत्रों और शिवसैनिकों को कथित रूप से निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए शिवसेना ने राज्य सरकार के सामने गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।
शिवसेना मीरा-भायंदर जिलाप्रमुख राजू भोईर के नेतृत्व में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मंत्रालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री तथा नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन और पुलिस तंत्र के कथित दुरुपयोग को रोकने की मांग करते हुए विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
शिवसेना का आरोप है कि जिन वार्डों में पार्टी को समर्थन मिला या जहां सत्ताधारी पक्ष को चुनावी हार का सामना करना पड़ा, वहां राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।
ज्ञापन में पारंपरिक गांवों में पीढ़ियों से रहने वाले आगरी-कोली, मराठी भूमिपुत्र और आदिवासी समाज के लोगों का मुद्दा भी उठाया गया। शिवसेना के मुताबिक, परिवार बढ़ने के कारण पुराने घरों में मामूली विस्तार करने वाले गरीब परिवारों पर प्रशासन की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है।
मूर्धा गांव के निवासी एकनाथ पाटील के पुराने घर पर हुई कार्रवाई का उल्लेख करते हुए शिवसेना ने इसे प्रशासनिक अत्याचार बताया। पार्टी का दावा है कि कार्रवाई का विरोध करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस मामले भी दर्ज किए गए।
इसके अलावा भाजपा के एक नगरसेवक से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मामले में शिवसैनिकों को कथित रूप से पुलिस की ओर से मानसिक और कानूनी परेशान किए जाने का आरोप भी प्रतिनिधिमंडल ने लगाया। शिवसेना ने ऐसी कार्रवाई तत्काल रोकने की मांग की।
शिवसेना ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों और भूमिपुत्रों के साथ होने वाले कथित अन्याय को पार्टी बर्दाश्त नहीं करेगी।
शिवसेना के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। पार्टी का दावा है कि सरकार की ओर से भूमिपुत्रों और शिवसैनिकों के साथ अन्याय नहीं होने देने तथा अधिकारियों की कथित मनमानी पर उचित प्रशासनिक निर्देश देने का आश्वासन दिया गया है।
अब सरकार की ओर से इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर मीरा-भायंदर की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं
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