भूमिपुत्रों के घरों पर बुलडोजर नहीं चलेगा! प्रताप सरनाईक का बड़ा ऐलान, कानून बदलकर देंगे न्याय
मीरा-भाईंदर के पुराने गांवठाणों और आदिवासी पाड़ों में रहने वाले भूमिपुत्रों के घरों के मुद्दे पर मंत्री प्रताप सरनाईक ने बड़ा बयान दिया। उत्तन, राई, मुर्धा और काजूपाड़ा समेत कई इलाकों के दौरे के दौरान उन्होंने कानून में बदलाव कर स्थायी समाधान निकालने और अन्याय नहीं होने देने का भरोसा दिया
मीरा-भाईंदर के पुराने गांवठाणों और आदिवासी पाड़ों में रहने वाले भूमिपुत्रों के घरों के मुद्दे को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि आगरी, कोली और आदिवासी समाज के वर्षों पुराने घरों पर महानगरपालिका की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कानून में बदलाव कर स्थायी समाधान निकालने का भी संकेत उन्होंने दिया।
इसी मुद्दे को लेकर मंत्री प्रताप सरनाईक ने नगर विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता, मीरा-भाईंदर महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद शर्मा और अपर तहसीलदार निलेश गौंड के साथ उत्तन, राई, मुर्धा, नवघर, गोडदेव, घोड़बंदर और काजूपाड़ा क्षेत्रों का प्रत्यक्ष दौरा किया।
इस दौरान पुराने गांवों, आदिवासी पाड़ों और आगरी-कोली बस्तियों में मौजूद घरों और बढ़े हुए निर्माणों की स्थिति का जायजा लिया गया। स्थानीय नागरिकों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं और महानगरपालिका की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
मंत्री सरनाईक ने कहा कि उत्तन, राई और मुर्धा जैसे इलाकों में आगरी, कोली और आदिवासी समाज का इतिहास 300 से 400 वर्ष पुराना है। परिवारों के बढ़ने के कारण घरों का विस्तार या पुनर्निर्माण करना उनकी जरूरत बन गई है, लेकिन मौजूदा नियमों के चलते इन्हें अनधिकृत निर्माण मानकर कार्रवाई की जाती है।
मुर्धा में हाल ही में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। मंत्री ने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर ले जाकर स्थानीय लोगों की समस्याओं और जमीनी स्थिति से अवगत कराया। अपर मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता ने भी ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियां सुनीं।
गांवठाण और आदिवासी पाड़ों के लिए अलग नीति
स्थानीय नागरिकों की ओर से गांवठाण और आदिवासी पाड़ों के संरक्षण के लिए राज्य स्तर पर स्वतंत्र नीति बनाने की मांग की गई है। सरकार की ओर से इस दिशा में सकारात्मक संकेत मिलने का दावा किया गया है। नगर विकास विभाग द्वारा इस विषय पर रिपोर्ट तैयार कर कानूनी दायरे में राहत देने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
मीडिया से बातचीत में प्रताप सरनाईक ने कहा कि महायुति सरकार भूमिपुत्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या का कानूनी समाधान निकालने में समय लग सकता है, लेकिन भूमिपुत्रों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा
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