मीरा-भाईंदर के ठाकुर मॉल में मिला जहरीला सांप; फायर ब्रिगेड की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
मीरा-भाईंदर के ठाकुर मॉल में जहरीला सांप मिलने से हड़कंप मच गया। फायर ब्रिगेड को सूचना देने के बाद वाहन उपलब्ध नहीं होने का जवाब मिलने का दावा किया गया, जिसके बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं ने खुद सांप का रेस्क्यू किया। घटना के बाद फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं
शहर के ठाकुर मॉल में आज जहरीला सांप मिलने से हड़कंप मच गया। सांप होने की जानकारी मिलते ही शिवसेना के स्थानीय कार्यकर्ता अजय सालवे मौके पर पहुंचे और उन्होंने फायर ब्रिगेड को फोन कर सांप का रेस्क्यू करने की अपील की।
हालांकि, दावा किया गया कि फायर ब्रिगेड की ओर से फिलहाल हमारे पास गाड़ी उपलब्ध नहीं है, आप ही सांप को रेस्क्यू करके ले जाइए ऐसा जवाब दिया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने खुद ही जहरीले सांप को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
इस घटना के बाद फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हर व्यक्ति सांप पकड़ने में प्रशिक्षित या विशेषज्ञ नहीं होता। ऐसे में जहरीले सांप को पकड़ने के दौरान अगर किसी नागरिक को सांप काट लेता या कोई दूसरी दुर्घटना हो जाती, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती? यह सवाल अब उठाया जा रहा है।
खास बात यह है कि ठाकुर मॉल में इससे पहले भी एक बड़ा सांप मिलने की जानकारी सामने आई थी। अब मॉल परिसर में सांप के बच्चे होने की भी चर्चा है। ऐसे में मॉल प्रशासन और संबंधित विभागों से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की जा रही है।
गनीमत रही कि आज की घटना में सांप ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। लेकिन भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होने पर नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा, यह बड़ा सवाल है।
अगर फायर ब्रिगेड के पास आपातकालीन स्थिति में वाहन उपलब्ध नहीं था, तो क्या नागरिकों को अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही रेस्क्यू करना होगा? प्रशासन को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना जरूरी है
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