मिरा-भाईंदर में वर्षों के इंतजार का अंत, हक के आशियाने को मिलेगा कानूनी आधार: प्रताप सरनाईक
मिरा-भाईंदर में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 'छत्रपति शिवाजी महाराज महसूल समाधान शिविर' और कलेक्टर लैंड स्थायी नामांतरण मार्गदर्शन अभियान का शुभारंभ किया। 1 जनवरी 2011 से पहले के पात्र रहवासियों को स्थायी नामांतरण की प्रक्रिया का लाभ मिलेगा
गुरु पूर्णिमा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन और स्वर्गीय अजितदादा पवार की जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं मिरा-भाईंदर के जनप्रतिनिधि प्रताप सरनाईक की पहल पर मंगलवार को मिरा रोड पूर्व स्थित पद्मश्री डॉ. आप्पासाहेब धर्माधिकारी सभागार में दो महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी अभियानों की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज महसूल समाधान शिविर और कलेक्टर लैंड स्थायी नामांतरण मार्गदर्शन अभियान का शुभारंभ किया गया। इन अभियानों के माध्यम से हजारों नागरिकों को एक ही स्थान पर सरकारी सेवाओं और मार्गदर्शन का लाभ मिल रहा है।
2011 से पहले के रहवासियों को बड़ी राहत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि सरकारी (कलेक्टर) भूमि पर वर्षों से रह रहे परिवारों के लिए यह केवल जमीन के दस्तावेजों का मामला नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य और स्थायी आवास का प्रश्न है।
उन्होंने घोषणा की कि 1 जनवरी 2011 से पहले से रह रहे पात्र परिवारों को लगभग 1500 वर्गफुट तक की आवासीय भूमि का स्थायी नामांतरण कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वर्षों से इंतजार कर रहे लोगों को उनके घरों का कानूनी अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं
शिविर में नागरिकों को स्थायी नामांतरण के लिए आवश्यक आवेदन पत्र, नियम, शर्तें और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
मंत्री सरनाईक ने पात्र नागरिकों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
भूमाफियाओं को चेतावनी, अधिकारियों को सख्त निर्देश
प्रताप सरनाईक ने कहा कि आम नागरिकों को भूमाफियाओं के चंगुल से बचाने और उनके अधिकार सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया है।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शिविर में आने वाला प्रत्येक नागरिक प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि किसी अधिकारी ने लोगों के वैध अधिकार दिलाने में लापरवाही या बाधा उत्पन्न की, तो उसके खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को संवेदनशील और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए। उनके अनुसार जनता का संतोष ही सरकार की सबसे बड़ी सफलता है
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