संविधान हाथ में लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं की आवाज पुलिस बल से दबाने का प्रयास: युवक कांग्रेस
नागपुर में युवक कांग्रेस के शांतिपूर्ण मार्च के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शिवराज मोरे के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट और उपाध्यक्ष सैय्यद आफरीन मुजफ्फर हुसैन को हिरासत में लिए जाने के आरोपों पर युवक कांग्रेस ने कड़ी नाराजगी जताई है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच और दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग की है
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान के विरोध और मनुस्मृति के खिलाफ महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस की ओर से नागपुर में शांतिपूर्ण मार्च का आयोजन किया गया था।
लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे प्रदर्शनकारियों के दौरान महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष शिवराज मोरे के साथ पुलिस द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। युवक कांग्रेस ने इस घटना को गंभीर और निंदनीय बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
इसी आंदोलन के दौरान महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस की उपाध्यक्ष और मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की विपक्ष की नेता सैय्यद आफरीन मुजफ्फर हुसैन को भी नागपुर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। उनके अनुसार, उन्हें कुछ समय पुलिस थाने में रखने के बाद शाम को रिहा कर दिया गया।
युवक कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे पदाधिकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।
युवक कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई का विरोध करते हुए मांग की है कि पूरी घटना की तत्काल, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, शिवराज मोरे के साथ कथित मारपीट करने वाले संबंधित पुलिसकर्मी की जांच कर दोष सिद्ध होने पर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए और उसे तत्काल निलंबित किया जाए।
युवक कांग्रेस ने कहा कि संविधान हाथ में लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं की आवाज को पुलिस बल के जरिए दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा
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