विरोधकों को बोलने नहीं दिया! शिवसेना नगरसेविकाओं का सभात्याग, सभागृह के बाहर ठिय्या आंदोलन
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की महासभा में विपक्षी नगरसेवकों को बोलने का मौका नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए शिवसेना नगरसेविकाओं ने सभात्याग किया। शर्मिला बागजी, वंदना पाटील और फ्रीडा डिमेलो ने सभागृह के बाहर ठिय्या आंदोलन करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की आज हुई महासभा में जोरदार राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। विपक्षी नगरसेवकों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए शिवसेना की नगरसेविकाओं ने महासभा का बहिष्कार कर सभागृह के बाहर ठिय्या आंदोलन किया।
शिवसेना नगरसेविका शर्मिला बागजी, वंदना पाटील और फ्रीडा डिमेलो ने सभात्याग करते हुए सभागृह के बाहर धरना दिया और प्रशासन तथा सत्ताधारी भाजपा के खिलाफ नाराजगी जताई।
नगरसेविकाओं का आरोप है कि महासभा में किसी विषय या सूचना को रखने के लिए उन्हें आयुक्त के पास जाने की बात कही जाती है। इस पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अगर महासभा में विपक्षी नगरसेवकों को बोलने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने का अधिकार ही नहीं दिया जाएगा, तो उन्हें महासभा में बुलाया ही क्यों जाता है?
इस दौरान नगरसेविका शर्मिला बागजी ने मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में भाजपा पर हिटलरशाही चलाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शहर में शिवसेना और भाजपा के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद का गुस्सा शिवसेना के नगरसेवकों पर निकाला जा रहा है।
इस घटना के बाद मीरा-भाईंदर की राजनीति में एक बार फिर सत्ताधारी पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव सामने आया है
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