खिलौने के मैग्नेट निगलने से 10 वर्षीय बच्चे की बिगड़ी हालत, मीरा रोड के अस्पताल में बची जान

मीरा रोड के वॉकहार्ट हॉस्पिटल में 10 वर्षीय ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे की समय रहते सर्जरी कर जान बचाई गई। बच्चे ने खेल-खेल में कई छोटे चुंबकीय मैग्नेट निगल लिए थे, जिससे उसकी आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा पैदा हो गया था

Jul 31, 2026 - 22:10
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खिलौने के मैग्नेट निगलने से 10 वर्षीय बच्चे की बिगड़ी हालत, मीरा रोड के अस्पताल में बची जान
खिलौने के मैग्नेट निगलने से 10 वर्षीय बच्चे की बिगड़ी हालत, मीरा रोड के अस्पताल में बची जान

 मीरा रोड स्थित वॉकहार्ट हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने समय रहते सर्जरी कर 10 वर्षीय बच्चे की जान बचा ली। बच्चे ने खेलते समय कई छोटे चुंबकीय मैग्नेट निगल लिए थे, जिससे उसकी आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचने और जान का खतरा पैदा हो गया था।

जानकारी के अनुसार, बच्चे को लगातार पेट दर्द और उल्टियों की शिकायत के बाद वॉकहार्ट हॉस्पिटल, मीरा रोड में भर्ती कराया गया। शुरुआती तौर पर मामला सामान्य पेट दर्द का प्रतीत हुआ, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि बच्चे ने खेलते समय कई छोटे चुंबकीय धातु के टुकड़े (मैग्नेट) निगल लिए थे।

डॉक्टरों ने बताया कि बच्चा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से पीड़ित है। इस स्थिति में कई बच्चों में खाने योग्य न होने वाली वस्तुओं को मुंह में डालने या निगलने की आदत देखी जाती है। एक से अधिक मैग्नेट निगलने पर वे आंतों के अलग-अलग हिस्सों में एक-दूसरे से चिपक जाते हैं, जिससे आंतों में रुकावट, छेद, संक्रमण और जानलेवा जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

वॉकहार्ट हॉस्पिटल के *बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बादशाह खान* ने लक्षणों के आधार पर तुरंत आंतों में रुकावट की आशंका जताई और बच्चे को तत्काल भर्ती किया। एक्स-रे में पेट के भीतर धातु की वस्तुएं दिखाई दीं, जबकि सीटी स्कैन से पुष्टि हुई कि मैग्नेट छोटी आंत में फंसे हुए हैं।

इसके बाद डॉ. बिनल शाह ने कोलोनोस्कोपी की, लेकिन मैग्नेट बड़ी आंत तक नहीं पहुंचे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. भावेश दोशी और डॉ. प्रदीप शेनॉय ने तत्काल सर्जरी कर छोटी आंत में फंसे सभी मैग्नेट सुरक्षित रूप से बाहर निकाल दिए।

समय पर इलाज मिलने से बच्चे की आंत में छेद होने और स्थायी नुकसान की आशंका टल गई। सफल सर्जरी के बाद बच्चे की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और करीब एक सप्ताह बाद उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉक्टरों ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों, विशेष रूप से ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को मैग्नेट वाले खिलौनों और छोटी धातु की वस्तुओं से दूर रखें, क्योंकि ऐसी लापरवाही गंभीर और जानलेवा साबित हो सकती है

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