बकरियों के मुद्दे पर मनसे का कांग्रेस पर पलटवार; महासभा में प्रस्ताव मंजूर होते समय विरोध क्यों नहीं किया
मीरा-भाईंदर में बकरियों के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। मनसे ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए सवाल किया कि महासभा में प्रस्ताव मंजूर होते समय कांग्रेस ने विरोध क्यों नहीं किया। मनसे ने कहा कि सदन के बाहर बयानबाजी करने के बजाय प्रस्ताव के समय ही सभागृह में विरोध दर्ज कराया जाना चाहिए था
शहर में बकरियों के मुद्दे को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। इसी मुद्दे पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया है।
मनसे ने सवाल उठाया है कि जब महासभा में बकरियों से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी जा रही थी, तब कांग्रेस के मुस्लिम नगरसेवकों, गुटनेता या संबंधित नेताओं ने उसी समय इसका विरोध क्यों नहीं किया?
मनसे का कहना है कि महासभा के बाहर आकर फैसले की आलोचना करने के बजाय, जब प्रस्ताव सदन में रखा गया और मंजूर किया जा रहा था, तब कांग्रेस ने सभागृह के अंदर ही विरोध क्यों नहीं जताया?
मनसे ने कहा कि हम हिंदू हैं, लेकिन महासभा में रहते हैं। अगर कोई फैसला गलत लगता, तो हम उसी समय सभागृह में उसका विरोध करते।
इसके साथ ही मनसे ने मीरा-भाईंदर में भाजपा द्वारा मराठी भाषा और अन्य मुद्दों को लेकर की जा रही राजनीति पर भी निशाना साधा है।
बकरियों के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मनसे ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस बयान के बाद मीरा-भाईंदर की सियासत में इस मुद्दे को लेकर टकराव और बढ़ने के आसार हैं
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