पानी संकट के बीच पूल पार्टी पर सियासी संग्राम, सरनाईक-मेहता में जुबानी जंग
मिरा-भाईंदर में पानी संकट के बीच 7/11 क्लब की पूल पार्टी को लेकर सियासत गरमा गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
मिरा-भाईंदर में पानी की किल्लत के बीच 7/11 क्लब में 27 जून को प्रस्तावित पूल पार्टी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कार्यक्रम पर कड़ा विरोध जताते हुए शिवसैनिकों को पूल पार्टी के खिलाफ आंदोलन करने के निर्देश दिए हैं।
जारी बयान में सरनाईक ने कहा कि राज्य के साथ-साथ मिरा-भाईंदर में भी पानी की गंभीर समस्या है। ऐसे समय में हजारों लीटर पानी खर्च कर पूल पार्टी आयोजित करना जनभावनाओं का अपमान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूर्या परियोजना का हक का पानी मिरा-भाईंदर को मिलने में बाधाएं खड़ी की गईं, जिसके लिए उन्होंने विधायक नरेंद्र मेहता को जिम्मेदार ठहराया।
सरनाईक ने प्रशासन से ऐसे कार्यक्रमों को अनुमति नहीं देने की मांग की है और संकेत दिए हैं कि शिवसेना इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाएगी। उन्होंने महानगरपालिका और पुलिस प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
वहीं, भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने सरनाईक के आरोपों का जवाब देते हुए दावा किया कि पूल पार्टी पहले ही रद्द की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि करीब तीन महीने पहले एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ने कार्यक्रम की बुकिंग की थी, लेकिन शहर में बढ़ती पानी की समस्या को देखते हुए कार्यक्रम रद्द करने का फैसला लिया गया।
मेहता ने आरोप लगाया कि प्रताप सरनाईक लगातार 7/11 क्लब को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठान में कई गणमान्य व्यक्तियों के साथ मुख्यमंत्री भी आ चुके हैं। साथ ही उन्होंने सरनाईक पर पलटवार करते हुए 'सो-नल' प्रकरण पर भी जवाब देने की मांग की।
पूल पार्टी के मुद्दे को लेकर अब शिवसेना और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।
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