मीरा-भाईंदर में पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव का संदेश, अमराठी परिवार ने बनाई कोंकण मंदिर की अनोखी सजावट
मीरा-भाईंदर में दीपाली मिश्रा के अमराठी परिवार ने पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव की मिसाल पेश की है। कागज और कार्डबोर्ड से कोंकण के मंदिरों की प्रतिकृतियां बनाकर अनोखी सजावट की गई है
मीरा-भाईंदर में गणेशोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कई घरों में पर्यावरण अनुकूल तरीके से गणपति बप्पा की स्थापना की गई है। इसी बीच दीपाली मिश्रा के घर की अनोखी गणेश सजावट लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
दीपाली मिश्रा ने पर्यावरण अनुकूल गणपति की स्थापना के साथ कागज और कार्डबोर्ड का इस्तेमाल कर कोंकण के मंदिरों की प्रतिकृतियां तैयार की हैं। पूरी सजावट इस तरह से तैयार की गई है कि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
खास बात यह है कि दीपाली मिश्रा अमराठी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके परिवार में पिछले कई वर्षों से मराठी परंपरा के अनुसार गणपति बप्पा की स्थापना की जाती है। उनके ससुर द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को दीपाली मिश्रा आज भी आगे बढ़ा रही हैं।
मराठी परंपरा से जुड़े इस गणेशोत्सव और कोंकण के मंदिरों की पर्यावरण अनुकूल सजावट को लेकर दीपाली मिश्रा ने इसे अपने परिवार के लिए गर्व की बात बताया। उन्होंने लोगों से परंपराओं को बनाए रखते हुए पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देने और संभव हो तो पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव मनाने का संदेश दिया
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