क्रांति दिवस पर विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन, शहीदों के योगदान को किया याद
मीरा-भाईंदर के नवघर नाका स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्मारक पर क्रांति दिवस के अवसर पर शंकर नारायण महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों के महत्व की जानकारी दी गई
क्रांति दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को शंकर नारायण महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने नवघर नाका स्थित मीरा-भाईंदर स्वतंत्रता सेनानी स्मारक पर देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मीरा-भाईंदर क्षेत्र को भी स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों की गौरवशाली विरासत मिली है। नवघर गांव, गोडदेव, खारीगांव, भाईंदर गांव और उत्तन सहित आसपास के क्षेत्रों के कई स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। किसी ने गांधीजी के अहिंसात्मक मार्ग को अपनाया, तो किसी ने क्रांतिकारी रास्ते से आजादी की लड़ाई में योगदान दिया। कई स्वतंत्रता सेनानियों ने जेल की यातनाएं भी सहीं और अपने परिवार व संपत्ति की परवाह किए बिना देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया।
कार्यक्रम में एस.एन. एज्युकेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष रोहिदास पाटील ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि अधिकारों की मांग करते समय कर्तव्यों की जिम्मेदारी और राष्ट्र की विरासत के प्रति जागरूकता युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक साबित होगी।
उन्होंने कहा कि कई क्रांतिकारियों का योगदान लंबे समय तक सामने नहीं आ सका, लेकिन सरकारी दस्तावेजों और पुराने रिकॉर्ड के माध्यम से क्षेत्र के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी सामने आई है। इन सभी के नाम नवघर नाका स्थित स्वतंत्रता सेनानी स्मारक पर अंकित हैं।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के सदस्य, स्थानीय नागरिक और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान तुळशीदास रामचंद्र पाटील, निर्भय भारत संगठन के अध्यक्ष अंकुश मालुसरे, नवघर पुलिस स्टेशन के पुलिस उपनिरीक्षक सावजी, सुभाष किणी और भूषण पाटील सहित कई मान्यवर मौजूद रहे।
महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), राष्ट्रीय छात्र सेना (NCC) और अन्य विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्राचार्य डॉ. विष्णू यादव के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के इतिहास विभाग की ओर से किया गया। विभाग प्रमुख प्रा. डॉ. सुनील धापसे, डॉ. राजेंद्र वटकर, प्रा. अजित जाधव और सहशिक्षक निमेश पाटील ने आयोजन की जिम्मेदारी संभाली
What's Your Reaction?