आमदार बड़ा या हाईकोर्ट? नगररचना विभाग पर बरसे प्रताप सरनाईक, सेवन इलेवन मामले की जांच के आदेश
मीरा-भायंदर में नगररचना विभाग से जुड़े निर्माण अनुमति मामलों को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विशेष बैठक में अधिकारियों से जवाब मांगा। ‘सेवन इलेवन’ प्रकरण, न्यायालयीन आदेशों के पालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए गए
मीरा-भायंदर महानगरपालिका के नगररचना और विधि विभाग से जुड़े निर्माण अनुमति मामलों को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 24 सितंबर को हुई विशेष बैठक में आक्रामक रुख अपनाया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने न्यायालयीन आदेशों के बावजूद निर्माण अनुमतियां दिए जाने के आरोपों की जांच के निर्देश दिए हैं।
बैठक में ‘सेवन इलेवन’ कंपनी से जुड़े निर्माण अनुमति प्रकरण, नवघर क्षेत्र की जमीन और नगररचना विभाग से संबंधित अन्य मामलों की समीक्षा की गई। सरनाईक ने यह जानकारी मांगी कि संबंधित निर्णय किन अधिकारियों ने लिए और क्या न्यायालय के निर्देशों का पालन हुआ था।
मंत्री ने नगररचना विभाग से संबंधित शिकायतों के लिए हर महीने ‘तक्रारदार दरबार’ आयोजित करने की घोषणा भी की है। उनका कहना है कि शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
‘सेवन इलेवन’ मामले में जमीन और निर्माण अनुमति को लेकर अजगर अली वोरा की शिकायतें सामने आई हैं। दूसरी ओर, कंपनी की ओर से जमीन वोरा से खरीदे जाने के आरोप से इनकार किया गया है और कंपनी ने अपने लेन-देन को लेकर अलग पक्ष रखा है।
इसी बैठक और संबंधित मामलों के दौरान भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़े पत्राचार और हस्तक्षेप के आरोपों की भी जांच का मुद्दा सामने आया। उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों को आरोप के रूप में ही बताया गया है; मेहता की ओर से भी कुछ आरोपों पर स्पष्टीकरण सामने आया है।
सरनाईक ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या बिल्डर को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और नगररचना विभाग से जुड़ी शिकायतों की जांच नियमों के अनुसार की जाएगी
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