मीरा-भाईंदर मनपा में प्रोटोकॉल उल्लंघन पर बड़ा एक्शन, अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत का तबादला; सचिन बांगर को मिली जिम्मेदारी
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में सरकारी कार्यक्रमों के निमंत्रण पत्रों में राजशिष्टाचार उल्लंघन के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक कार्रवाई की है। अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत का वसई-विरार महानगरपालिका में उपायुक्त पद पर तबादला किया गया है, जबकि सचिन बांगर को मीरा-भाईंदर का अतिरिक्त आयुक्त नियुक्त किया गया है। मामला मंत्री प्रताप सरनाईक के नाम को निमंत्रण पत्रों में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार स्थान नहीं दिए जाने के आरोप से जुड़ा है।
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में सरकारी कार्यक्रमों के दौरान राजशिष्टाचार यानी प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन के मामले में महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट और राजशिष्टाचार विभाग के अभिप्राय के बाद महानगरपालिका की अतिरिक्त आयुक्त प्रियंका राजपूत का तबादला वसई-विरार शहर महानगरपालिका में उपायुक्त पद पर किया गया है। वहीं, सचिन बांगर को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह मामला परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के नाम को सरकारी कार्यक्रमों के निमंत्रण पत्रों में निर्धारित प्रोटोकॉल और वरिष्ठता क्रम के अनुसार सम्मानपूर्वक स्थान नहीं दिए जाने के आरोप से जुड़ा है। मंत्री सरनाईक ने इस संबंध में राजशिष्टाचार विभाग के सचिव और मुख्य राजशिष्टाचार अधिकारी से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
दो सरकारी कार्यक्रमों के निमंत्रण पत्र जांच के दायरे में
पहला मामला 15 अप्रैल 2026 को मीरा-भाईंदर पश्चिम स्थित खेल परिसर और सभागृह भवन के लोकार्पण समारोह से संबंधित है। आरोप है कि कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र के मसौदे को ठाणे के निवासी उपजिलाधिकारी एवं राजशिष्टाचार अधिकारी से जांचकर प्रमाणित कराए बिना ही छपवा दिया गया। निमंत्रण पत्र में मंत्री प्रताप सरनाईक का नाम निर्धारित प्रोटोकॉल और वरिष्ठता क्रम के अनुसार नहीं छापे जाने को लेकर आपत्ति दर्ज की गई।
दूसरा मामला 5 मई 2026 को महानगरपालिका के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित मजदूर दिवस सम्मान समारोह के निमंत्रण पत्र से जुड़ा है। जांच में कथित तौर पर पाया गया कि संबंधित मसौदे को आवश्यक आधिकारिक मंजूरी के बिना अंतिम रूप दिया गया था।
जांच समिति की रिपोर्ट के बाद प्रशासनिक फेरबदल इस मामले की जांच के लिए अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित की गई थी। उपलब्ध प्रेस नोट के अनुसार, समिति ने 20 जुलाई 2026 की बैठक के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में संबंधित विभागों और अधिकारियों द्वारा निर्धारित परिपत्रों तथा मनपा आयुक्त के आदेशों का उल्लंघन किए जाने की बात सामने आई।
राजशिष्टाचार विभाग और नगर विकास विभाग के निर्देशों के बाद प्रियंका राजपूत को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका से स्थानांतरित कर वसई-विरार महानगरपालिका में उपायुक्त पद पर नियुक्त किया गया। इसके बाद महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 39-अ के तहत सचिन बांगर को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त पद पर नियुक्त किया गया।
शहर अभियंता दीपक खांबित पर भी आरोप
खेल परिसर के उद्घाटन समारोह के निमंत्रण पत्र के मसौदे को उचित विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों से प्रमाणित कराए बिना अंतिम रूप दिए जाने के मामले में शहर अभियंता दीपक खांबित पर भी अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं। उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर नजर रहेगी।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि सरकारी प्रशासन जनता और लोकतांत्रिक व्यवस्था का सेवक है। सरकारी कार्यक्रमों में राजशिष्टाचार का पालन केवल किसी मंत्री या व्यक्ति के सम्मान का विषय नहीं, बल्कि नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के संवैधानिक पद का सम्मान भी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मनमानी और प्रोटोकॉल की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मामले में राज्य सरकार की कार्रवाई के बाद मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के प्रशासनिक कामकाज और अन्य संबंधित अधिकारियों पर संभावित कार्रवाई को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
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