मीरा-भायंदर: औषध छिड़काव विभाग के 150 संविदा कर्मचारियों का 4 महीने का वेतन बकाया, मनसे ने आंदोलन की चेतावनी दी
मीरा-भायंदर महानगरपालिका के औषध छिड़काव विभाग में कार्यरत 150 संविदा कर्मचारियों का चार महीने का वेतन बकाया है। मनसे कामगार कर्मचारी सेना ने दो दिन में वेतन जारी करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है
मीरा-भायंदर महानगरपालिका (एमबीएमसी) के औषध छिड़काव विभाग में कार्यरत लगभग 150 संविदा कर्मचारियों का पिछले चार महीने (अप्रैल, मई, जून और जुलाई 2026) का वेतन अब तक जारी नहीं किया गया है। इस मुद्दे को लेकर *महाराष्ट्र नवनिर्माण मनपा कामगार कर्मचारी सेना (मनसे)* ने महानगरपालिका प्रशासन को दो दिन के भीतर बकाया वेतन देने की चेतावनी दी है।
मनसे कामगार कर्मचारी सेना के मीरा-भायंदर अध्यक्ष अभिनंद गणेश चव्हाण ने कहा कि संविदा कर्मचारियों से आज भी नियमित रूप से औषध छिड़काव का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन उनके परिश्रम का वेतन चार महीने से रोका गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कर्मचारियों से लगातार काम लिया जा रहा है, तो उनके वेतन की जिम्मेदारी कौन लेगा।
चव्हाण ने कहा कि ठेकेदार का अनुबंध समाप्त होना, प्रशासनिक प्रक्रिया या महानगरपालिका और ठेकेदार के बीच किसी भी प्रकार का विवाद कर्मचारियों के वेतन रोकने का आधार नहीं बन सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि चार महीने तक वेतन न देना श्रमिकों के अधिकारों का उल्लंघन है और यह कोड ऑन वेजेस, 2019 की भावना के भी विपरीत प्रतीत होता है।
मनसे ने इस संबंध में महानगरपालिका आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य) और उपायुक्त (स्वास्थ्य) को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सभी संविदा कर्मचारियों का लंबित वेतन दो दिनों के भीतर जारी किया जाए।
संगठन ने यह भी मांग की है कि यदि ठेकेदार वेतन देने में असमर्थ है, तो महानगरपालिका प्रशासन अभिभावक की भूमिका निभाते हुए कर्मचारियों का बकाया वेतन स्वयं अदा करे। साथ ही, चार महीने तक वेतन लंबित रहने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार की जांच कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
मनसे कामगार कर्मचारी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कर्मचारियों का बकाया वेतन जारी नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा
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