नाना पाटेकर के निधन पर मंत्री प्रताप सरनाईक ने जताया शोक, कहा—महाराष्ट्र ने खोया अनमोल कलाकार
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने फिल्म ‘अंकुश’ से शुरू हुए अपने जुड़ाव, नाना के साथ दशकों पुरानी दोस्ती और किसानों की मदद के लिए ‘नाम फाउंडेशन’ को दिए गए ₹10 लाख के सहयोग की यादें साझा कीं। सरनाईक ने नाना के बेबाक अंदाज और अभिनय को याद करते हुए उनके निधन को सांस्कृतिक जगत की अपूरणीय क्षति बताया।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में नाना पाटेकर का निधन हो गया
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साथ दशकों पुराने संबंधों और यादगार मुलाकातों को साझा किया।
सरनाईक के अनुसार, नाना पाटेकर से उनका जुड़ाव उस समय शुरू हुआ, जब वह करीब 20–22 वर्ष के थे। नाना की फिल्म ‘अंकुश’ में अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले उनके किरदार से वह काफी प्रभावित हुए थे। मंत्री ने बताया कि उन्होंने अपनी ऑटो-रिक्शा पर भी गर्व से ‘अंकुश’ नाम लिखवाया था। समय के साथ यह प्रशंसा गहरी दोस्ती में बदल गई।
प्रताप सरनाईक ने बताया कि सूखा प्रभावित किसानों की सहायता के लिए काम करने वाले नाना पाटेकर के ‘नाम फाउंडेशन’ को शुरुआती दौर में 10 लाख रुपये का चेक देने का अवसर उन्हें मिला था। उनके मुताबिक, उस समय नाना ने उनकी पीठ थपथपाकर उनका उत्साह बढ़ाया था। सरनाईक ने इस अनुभव को अपने जीवन की यादगार घटनाओं में से एक बताया।
मंत्री ने बताया कि पिछले महीने ही हवाई अड्डे पर नाना पाटेकर से उनकी मुलाकात हुई थी। उन्होंने नाना के सरल स्वभाव, बेबाक बातचीत और राजनीतिक मामलों में बिना लाग-लपेट अपनी बात रखने की आदत को याद किया।
सरनाईक के अनुसार, राजनीतिक कार्यक्रमों में आमंत्रित किए जाने पर नाना मजाकिया अंदाज में कहते थे कि उन्हें बुलाने पर सरनाईक को परेशानी हो सकती है, क्योंकि वह राजनेताओं की झूठी तारीफ नहीं कर सकते। मंत्री ने कहा कि यही ईमानदारी और स्पष्टवादिता नाना की पहचान थी।
नाना पाटेकर की अभिनय क्षमता को याद करते हुए सरनाईक ने उन्हें असाधारण कलाकार बताया। उन्होंने कहा कि नाना साधारण संवादों को भी अपनी दमदार आवाज और प्रभावशाली अभिनय से यादगार बना देते थे।
मंत्री ने नाना के निधन को महाराष्ट्र के सांस्कृतिक जगत के लिए ऐसी क्षति बताया, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने दिवंगत अभिनेता की आत्मा की शांति और उनके परिवार, मित्रों तथा करोड़ों प्रशंसकों को इस दुख को सहन करने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की।
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