सरकारी जमीन पर बने घर होंगे नियमित, मीरा-भाईंदर में विशेष समाधान शिविर; 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन का मौका
मीरा-भाईंदर में सरकारी जमीन पर 1 जनवरी 2011 से पहले बने पात्र आवासों के नियमितीकरण के लिए विशेष समाधान शिविर आयोजित किया गया। पात्र नागरिक 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। शिविर में आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों और सरकारी नियमों की जानकारी दी गई
मीरा-भाईंदर विधानसभा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने पात्र आवासों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से रविवार को विशेष समाधान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर दीपक हॉस्पिटल रोड स्थित पद्मश्री डॉ. आप्पासाहेब धर्माधिकारी सभागार, मीरा रोड (पूर्व) में आयोजित किया गया।
शिविर में 1 जनवरी 2011 से पहले सरकारी जमीन पर निवास कर रहे पात्र नागरिकों को नियमितीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सरकारी नियमों और स्वामित्व अधिकारों से संबंधित जानकारी दी गई। तहसील कार्यालय द्वारा आवेदन स्वीकार किए गए, दस्तावेजों की जांच की गई तथा आवेदन भरने में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर भाजपा विधायक Narendra Mehta, महापौर Dimple Mehta, उपविभागीय अधिकारी उर्मिला पाटील, अपर तहसीलदार निलेश गौंड, राजस्व विभाग के अधिकारी तथा कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विधायक नरेंद्र मेहता ने नागरिकों से अपील की कि वे सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करें। उन्होंने बताया कि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है।
योजना की प्रमुख बातें:
- पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर भोगवटादार वर्ग-2 के रूप में जमीन का नियमितीकरण।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 1,500 वर्ग फुट तक का नियमितीकरण।
- 500 वर्ग फुट तक का आवासीय अतिक्रमण निःशुल्क नियमित किया जाएगा।
- 500 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र के लिए बाजार मूल्य का 10% शुल्क देय होगा।
- आवास से जुड़े व्यावसायिक उपयोग (मेडिकल, किराना, क्लिनिक आदि) पर संबंधित क्षेत्र के लिए 25% शुल्क लगेगा।
- 1 जनवरी 2011 से पहले के निवास के प्रमाण के रूप में मतदाता सूची, बिजली बिल और संपत्ति कर रसीद मान्य होगी।
- पिछले एक वर्ष के निवास का प्रमाण देना अनिवार्य होगा।
- 1,500 वर्ग फुट से अधिक अतिक्रमण नियमित नहीं किया जाएगा और अतिरिक्त अतिक्रमण हटाया जाएगा।
- CRZ और NDZ क्षेत्रों के मामलों में संबंधित विभाग की NOC आवश्यक होगी।
- योजना का दुरुपयोग कर नए अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपर तहसीलदार निलेश गौंड ने बताया कि पात्र नागरिक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन संबंधित प्रभाग कार्यालय में 31 दिसंबर 2026 तक जमा कर सकते हैं
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