मीरा-भाईंदर में RRR अभियान के तहत जरूरतमंदों को बांटी गईं उपयोगी वस्तुएं
मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग और Making The Difference (MTD) संस्था की ओर से Reduce, Reuse, Recycle (RRR) अभियान के तहत जरूरतमंद नागरिकों को उपयोगी वस्तुएं वितरित की गईं। काशीगांव के माशाचा पाडा में आयोजित इस कार्यक्रम में कपड़े, खिलौने, जूते-चप्पल, किताबें और इलेक्ट्रॉनिक सामान बांटे गए। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंदों की मदद करने के साथ कचरे की मात्रा कम करना और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है।
स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के अनुरूप मीरा-भाईंदर महानगरपालिका के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग द्वारा Reduce, Reuse, Recycle (RRR) की अवधारणा पर आधारित अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शहर के जरूरतमंद नागरिकों तक उपयोगी वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं।
महानगरपालिका और Making The Difference (MTD) स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से शहर के 10 RRR केंद्रों पर एकत्र की गई अच्छी स्थिति वाली वस्तुओं का वितरण जरूरतमंद नागरिकों को किया जाता है। इसी पहल के अंतर्गत काशीगांव स्थित माशाचा पाडा में वस्तु वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जरूरतमंद नागरिकों को कपड़े, खिलौने, जूते-चप्पल, किताबें और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं वितरित की गईं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसी वस्तुओं का दोबारा उपयोग सुनिश्चित करना है, जिन्हें कुछ लोग अनुपयोगी समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वे किसी अन्य व्यक्ति के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं। इस पहल से जरूरतमंद नागरिकों को सहायता मिलने के साथ कचरे की मात्रा कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी मदद मिलती है।
कार्यक्रम में मीरा-भाईंदर महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद शर्मा, महापौर डिंपल मेहता, उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील, अतिरिक्त आयुक्त सचिन बांगर, प्रभाग समिति क्रमांक 6 के सभापति प्रशांत दळवी, महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति अनिता पाटील, जलापूर्ति एवं मलनि:सारण समिति के सभापति मोहन म्हात्रे तथा स्वास्थ्य, चिकित्सा, पर्यावरण, उद्यान एवं शहर सौंदर्यीकरण समिति के सभापति मधुसूदन पुरोहित सहित नगरसेवक, नगरसेविकाएं, महानगरपालिका के उपायुक्त, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी भाग लिया।
इस अवसर पर नागरिकों से अपील की गई कि वे उपयोग करने योग्य वस्तुओं को फेंकने के बजाय RRR केंद्रों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए आगे आएं। इस तरह की पहल से सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है।
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