व्यापारिक स्वार्थ के लिए हटाया जा रहा शिवाजी महाराज का पुतला?” — प्रताप सरनाईक का बड़ा आरोप
शिवाजी महाराज के पुतले को हटाने को लेकर प्रताप सरनाईक ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक स्वार्थ के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
मीरा भाईंदर में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के स्थानांतरण और मरम्मत के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने भाजपा विधायक Narendra Mehta पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “व्यापारिक और राजनीतिक स्वार्थ के लिए शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने की साजिश रची जा रही है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरनाईक ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि मराठी अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017-18 में भाजपा की सत्ता के दौरान महानगरपालिका की जमीन पर बड़े मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव लाया गया था और उस परियोजना में सबसे बड़ा “अड़चन” शिवाजी महाराज की प्रतिमा थी।
सरनाईक के मुताबिक, प्रतिमा को शहर के बीचों-बीच से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई थी ताकि दोनों तरफ बड़े व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स खड़े किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि महासभा में लाया गया प्रस्ताव और असली मंशा अलग है। “प्रतिमा की मरम्मत कर उसी स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाएगा” इस दावे पर भरोसा नहीं किया जा सकता, ऐसा भी उन्होंने कहा।
सरनाईक ने यह भी दावा किया कि इस मामले से जुड़े दस्तावेज, जिलाधिकारी के आदेश और दो किलोमीटर नियम से संबंधित सरकारी निर्णय उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रतिमा हटाने का प्रयास किया गया तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
“शिवरायों का अपमान किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो प्रतिमा के सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी भी मैं लेने को तैयार हूं,” ऐसा भी सरनाईक ने कहा।
What's Your Reaction?