वैश्विक संकट के बीच पीएम मोदी की अपील: पेट्रोल-डीजल बचाएं, विदेश यात्रा टालें, Work From Home अपनाएं
वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, गैर ज़रूरी विदेश यात्राएं टालने और Work From Home अपनाने की अपील की। सरकार ऊर्जा और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्कता बरतने पर जोर दे रही है।
भारत समेत पूरी दुनिया इस समय पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के असर को महसूस कर रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस का बेहद संयम से इस्तेमाल करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट के दौर में देशहित को सर्वोपरि रखते हुए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि केवल देश के लिए जान देना ही देशभक्ति नहीं है, बल्कि कठिन समय में जिम्मेदारी निभाना भी सच्ची देशभक्ति है।
पीएम मोदी की 9 बड़ी अपीलें
प्रधानमंत्री ने लोगों से कई अहम कदम उठाने की अपील की, ताकि देश पर बढ़ते आर्थिक दबाव को कम किया जा सके —
पेट्रोल और डीजल का कम से कम इस्तेमाल करें
जिन शहरों में मेट्रो है, वहां मेट्रो से सफर करें
कारपूलिंग अपनाएं
इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करें
Work From Home को फिर से बढ़ावा दें
ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दें
विदेशी मुद्रा बचाने पर ध्यान दें
एक साल तक सोना खरीदने से बचें
विदेश यात्रा और विदेश में होने वाली शादियों को टालें
क्यों बढ़ी चिंता?
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और तेल सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर पड़ सकता है।
Work From Home पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान देश ने Work From Home, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं को सफलतापूर्वक अपनाया था। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर इन व्यवस्थाओं को दोबारा बढ़ावा देना राष्ट्रीय हित में होगा।
विदेशी मुद्रा बचाने की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि पेट्रोल-डीजल और सोने के आयात में बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे में नागरिक अगर जरूरत के मुताबिक ही खर्च करें और अनावश्यक विदेशी यात्रा टालें, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यह अपील ऐसे समय में आई है जब वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ रही है। सरकार अब ऊर्जा बचत, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार उपभोग को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
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