पीएम मोदी की मितव्ययिता अपील पर मीरा-भायंदर में मिली-जुली प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययिता और संसाधनों की बचत को लेकर की गई अपील पर मीरा-भायंदर में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों ने इसे समय की जरूरत बताया, जबकि कई नागरिकों ने आम जनता पर बढ़ते आर्थिक दबाव का मुद्दा उठाया।
वैश्विक अस्थिरता और रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा देशवासियों से मितव्ययिता अपनाने की अपील किए जाने के बाद मीरा-भायंदर शहर में इस मुद्दे पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से जरूरत होने पर ही वाहन और ईंधन का उपयोग करने तथा एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचने की अपील की है। साथ ही उन्होंने विदेशी मुद्रा बचत के लिए सभी नागरिकों से सहयोग करने का आह्वान भी किया।
इसी संदर्भ में मीरा-भायंदर शहर के नागरिकों की राय जानने पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने देशहित में किए गए इस आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि ईंधन बचत और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण आज समय की जरूरत है। वहीं कुछ नागरिकों ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव का हवाला देते हुए इस अपील पर नाराजगी व्यक्त की।
कई लोगों का मानना है कि पहले से ही महंगाई से जूझ रहे आम नागरिकों के लिए इस तरह की अपील व्यवहारिक रूप से कठिन साबित हो सकती है। जबकि समर्थकों का कहना है कि राष्ट्रीय हित के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को लेकर मीरा-भायंदर में समर्थन और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
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